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ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र में क्या अंतर है

भारत की प्राचीन परंपराओं में कई ऐसी विद्या हैं जो मनुष्य के जीवन को प्रकृति और ब्रह्मांड के साथ संतुलित करने का मार्ग दिखाती हैं। इनमें से दो प्रमुख शास्त्र हैं ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र। दोनों का मूल आधार…

ज्योतिष का करियर और व्यवसाय के लिए क्या महत्व है

भारतीय संस्कृति में ज्योतिष शास्त्र का विशेष स्थान रहा है। प्राचीन काल से ही लोग जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का अध्ययन करते आए हैं। वर्तमान समय में भी ज्योतिष केवल धार्मिक आस्था तक सीमित…

रुद्राभिषेक पूजा का महत्व

रुद्राभिषेक पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने की अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र विधि मानी जाती है। “रुद्र” भगवान शिव का उग्र और शक्तिशाली स्वरूप है, जबकि “अभिषेक” का अर्थ है पवित्र द्रव्यों से स्नान कराना। जब शिवलिंग पर श्रद्धा, मंत्रोच्चार…

मूलांक 3 वाले लोगों का स्वभाव कैसा होता है

अंक ज्योतिष में मूलांक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) माना जाता है। बृहस्पति ज्ञान, धर्म, नैतिकता, नेतृत्व और विस्तार का प्रतीक है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है,…

होलाष्टक-क्यों माने जाते हैं ये आठ दिन विशेष

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक का आरंभ होता है। यह काल होली पर्व से ठीक आठ दिन पूर्व शुरू होकर पूर्णिमा तक रहता है। इन आठ दिनों को धार्मिक दृष्टि से…

मूलांक 2 वाले किस स्वभाव के होते हैं

अंक ज्योतिष में मूलांक का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी व्यक्ति के जन्म की तारीख को जोड़कर जो एक अंक प्राप्त होता है, वही उसका मूलांक कहलाता है। जिन लोगों का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख…

महाशिवरात्रि का महत्व और पूजा विधि

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और आध्यात्मिक पर्व है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह पर्व फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता…

मूलांक 1 वाले किस स्वाभाव के होते हैं?

अंक ज्योतिष में जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर जो एक अंक बनता है, उसे मूलांक कहा जाता है। जिन लोगों का जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ होता है, उनका मूलांक 1 माना जाता है। मूलांक…

बसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी भारत के प्रमुख और पावन त्योहारों में से एक है। यह पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। बसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, जब ठंड धीरे-धीरे विदा लेने…

हनुमान पूजा का महत्व

सनातन धर्म में भगवान हनुमान को शक्ति, साहस, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना गया है। वे श्रीराम के परम भक्त हैं और कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं। हनुमान जी की पूजा न केवल आध्यात्मिक…